पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेसी नटवर सिंह ने खोली इंदिरा गाँधी और नेहरु खानदान की सबसे बड़ी पोल

Indira_Gandhi_Feroz

फ़िरोज़ खान मोतीलाल नेहरु के घर पर मेहेंगी विदेशी शराब की आपूर्ति किया करता था. फ़िरोज़ खान और इंदिरा के बीच प्रेम सम्बन्ध स्थापित हो गए. महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल डा. श्री प्रकाश ने नेहरू को चेतावनी दी, कि फिरोज खान इंदिरा के साथ अवैध संबंध बना रहा था. फिरोज खान इंग्लैंड में था और इंदिरा के प्रति उसकी बहुत सहानुभूति थी. जल्द ही इंदिरा अपने धर्म का त्याग कर,एक मुस्लिम महिला बनी और लंदन के एक मस्जिद में फिरोज खान से उसकी शादी हो गयी. इंदिरा प्रियदर्शिनी नेहरू ने नया नाम # मैमुना_बेगमरख लिया.

उनकी मां कमला नेहरू इस शादी से काफी नाराज़ थी जिसके कारण उनकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गयी. नेहरू भी इस धर्म रूपांतरण से खुश नहीं था क्योंकि इससे इंदिरा के प्रधानमंत्री बनने की सम्भावना खतरे में आ गयी. तो, नेहरू ने युवा फिरोज खान से कहा कि अपना उपनाम खान से गांधी कर लो. परन्तु इसका इस्लाम से हिंदू धर्म में परिवर्तन के साथ कोई लेना – देना नहीं था. यह सिर्फ एक शपथ पत्र द्वारा नाम परिवर्तन का एक मामला था. और फिरोज खान फिरोज गांधी बन गया , हालांकि यह बिस्मिल्लाह शर्मा की तरह एक असंगत नाम है. दोनों ने ही भारत की जनता को मूर्ख बनाने के लिए नाम बदला था. जब दोंनो भारत लौटे, एक नकली वैदिक विवाह जनता के उपभोग के लिए स्थापित किया गया था. इस प्रकार, इंदिरा और उसके वंश को काल्पनिक नाम गांधी मिला. नेहरू और गांधी दोनों # फैंसीनाम हैं. जैसे एक गिरगिट अपना रंग बदलती है, वैसे ही इन लोगों ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए नाम बदले. के.एन. राव की पुस्तक नेहरू राजवंश (10:8186092005 ISBN) में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है (संजय गांधी फ़िरोज़ गांधी का पुत्र नहीं)… अगले पेज पर पढ़ें पूरी ख़बर…

अगले पेज पर जारी है: संजय गाँधी को फ़िरोज़ खान का पुत्र बताती इंदिरा गाँधी की सच्चाई जानकार आपके कान खड़े हो जायेंगे. कैसे हिन्दुस्तान आज भी मूर्ख बन रहा है??? 

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