शर्म करो हिन्दुओं: भारत की पहचान नालंदा यूनिवर्सिटी को जलाने वाले को हमने दिया हुआ है सम्मान.

nalanda university

अगर एक सर्वे कराया जाए की दुनिया में सबसे अधिक मूक, निष्क्रिय और साफ़ सब्दों में कहें तो बेशर्म लोग कहाँ पाए जाते हैं, तो हम दावे के साथ कह सकते हैं की रिजल्ट आएगा “भारत”.

तुर्की शासक बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय में आग लगवा दी थी। कहा जाता है कि विश्व विद्यालय में इतनी पुस्तकें थी की पूरे तीन महीने तक यहां के पुस्तकालय में आग धधकती रही। उसने अनेक धर्माचार्य और बौद्ध भिक्षु मार डाले। खिलजी ने उत्तर भारत में बौद्धों द्वारा शासित कुछ क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया था। 

इतिहासकार विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्व विद्यालय को जलाने के पीछे जो वजह बताते हैं उसके अनुसार एक समय बख्तियार खिलजी बहुत ज्यादा बीमार पड़ गया। उसके हकीमों ने इसका काफी उपचार किया पर कोई फायदा नहीं हुआ। तब उसे नालंदा विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग के प्रमुख आचार्य राहुल श्रीभद्रजी से उपचार कराने की सलाह दी गई। उसने आचार्य राहुल को बुलवा लिया तथा इलाज से पहले शर्त लगा दी की वह किसी हिंदुस्तानी दवाई का सेवन नहीं करेगा। उसके बाद भी उसने कहा कि अगर वह ठीक नहीं हुआ तो आचार्य की हत्या करवा देगा। बख्तियार खिलजी ने 1199 में आग नालंदा विश्व विद्यालय में आग लगवा दी थी। उसका पूरा नाम इख्तियारुद्दीन मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी था। बिहार का वह मुगल शासक था।

अगले पेज पर जानिये: क्यूँ नालंदा यूनिवर्सिटी से चिढ कर उसे जलाने पर आमादा हुआ खिलजी?

तीसरे पेज पर जानिये: क्यूँ नालंदा यूनिवर्सिटी थी अपनी समय में दुनिया की अकेली यूनिवर्सिटी जो ज्ञान के मामले में थी नम्बर 1???

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