RSS की ये सच्चाई जान आप भी गर्व करेंगे भारत के इन सच्चे वीरों पर

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आरएसएस के अनजाने तथ्य जो इतिहास में नहीं पढ़ाए जाते: आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी यानी दशहरे के अवसर पर हुई थी। 1925 में शुरू हुआ देशभक्ति का अनूठा आंदोलन आज भी उसी तरह और उसी मकसद से काम कर रहा हैजिसके लिए उसकी स्थापना की गई थी। आरएसएस के संस्थापक डॉक्टर केशव बलराम हेगड़ेवार थे। उन्होंने आरएसएस में एक ऐसे संगठन का सपना देखा था जिसमे मातृभूमि सबसे ऊपर हो, अपने मातापिता, भाईबहन से भी ऊपर।

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आजादी से लगभग 20 साल पहले शुरू हुआ यह आंदोलन बहुत से लोगों के निशाने पर भी रहा और आज भी है, अधिकतर लोगों का आरएसएस पर आरोप होता  है कि आरएसएस तो हिन्दूवादी संगठन है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। लेकिन सच तो यह है की ये आरोप हर बार राजनीति से प्रेरित ही होते हैं। कोई भी यह साबित नहीं कर पाया कि यह संगठन सिर्फ हिन्दुअों के बारे में सोचता है या सिर्फ उन्हीं के लिए काम करता है?

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विरोधियों के मुह पर तमाचा!!!

भले कोई कैसे भी आरोप लगाता रहे, लेकिन आरएसएस ने अनेक मौकों पर ऐसे काम किए, जिनके बारे में सोचकर ही निंदा करने वालों के मुंह बंद हो जाते हैं और देशभक्तों का सीना गर्व से फूल जाता है। आइए आपको भी आरएसएस द्वारा देश को दिए गए ऐसे ही गौर्वंगित पलों से मिलाते हैं, जिसे देशद्रोहियों ने इतिहास की किताबों का हिस्सा नहीं बनने दिया।

अगले पेज पर जाने कैसे इस दुश्मन देश से अकेले लड़ा आरएसएस?