योगी आदित्यनाथ ने हिन्दुओं को दिया दिवाली का ये बम्पर तोहफा! वामपंथियों और शांतिदूतों का लुटा…

अयोध्या में रामलला के मंदिर का मसला भले ही सुप्रीम कोर्ट में अटका हो लेकिन विवादित स्थल से थोड़ी ही दूर सरयू के किनारे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भगवान राम की एक विशाल प्रतिमा स्थापित करेंगे. बताया जा रहा है कि यह भगवान राम की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति होगी. इसके लिए सरकार एनजीटी से भी इजाजत लेगी. भगवान राम की यह प्रतिमा योगी सरकार की नव्य अयोध्या योजना का एक हिस्सा होगी.

The Yogi Adityanath government has proposed to build a ‘grand statue’ of Lord Ram on the banks of Saryu river in Ayodhya, according to reports. It is being planned as part of the Navya Ayodhya project which is seen as an initiative by the Uttar Pradesh government to promote religious tourism.

यही नहीं इस बार दिवाली के मौके पर जिसे भगवान राम के अयोध्या वापसी का दिन भी माना जाता है, योगी आदित्यनाथ खुद उनके स्वागत के लिए मौजूद होंगे.योजना है कि इस बार अयोध्या को दिवाली में वैसे ही सजाया जाए जैसा कि दिवाली के दिन त्रेतायुग में भगवान राम के लंका पर विजय हासिल करने के बाद सजाई गई थी.

इस मौके पर भगवान राम की अयोध्या वापसी की थीम पर एक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी जो छोटी दिवाली के दिन दोपहर 2 बजे के आसपास अयोध्या में प्रवेश करेगी. सीएम योगी आदित्यनाथ और उनका मंत्रिमंडल भगवान राम का पूजना वंदन करेगा. उसके बाद राम का राज्यभिषेक भी होगा.इस मौके पर इंडोनेशिया और थाईलैंड के कलाकार राम के अयोध्या के कलाकार राम के अयोध्या वापसी के प्रसंग का सरयू के किनारे मंचन भी करेंगे.

The proposal was presented by Principal Secretary of Tourism, Awinash Awasthi, to Governor Ram Naik, according to the press communique released by Raj Bhavan. The Indian Expressreported that the presentation also included information on programmes scheduled for Diwali celebrations in Ayodhya on 18 October.

सरयू और आसपास के इलाके की भव्य सजावट की जाएगी. राम की पैड़ी पर एक लाख इकहत्तर हजार दिए जलाए जाएंगे. गौरतलब है कि योगी के सीएम बनने के बाद अयोध्या लगातार सुर्खियों में है. सीएम योगी खुद तीन बार यहां आ चुके हैं. मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या और राम से जुड़े सभी स्थानों को विकसित करने की योजना बनाई गई है. योगी के सीएम बनने के बाद अब तक अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए 14 ट्रक पत्थर पहुंच चुके हैं. राम मंदिर कार्यशाला जिन पर नक्काशी का काम लगातार चल रहा है.

अब इसे ज़रा सुप्रीम कोर्ट के विवादित स्थल पर यथा-स्थिति बनाए रखने के आदेश के मद्दे नजर भी देखें. बीजेपी के नेता और वर्तमान यूपी सरकार के मंत्री आये दिन दावा करते रहते हैं कि 2018 से पहले ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा. यह दावा वे खुद नहीं करते, यह दावा करवाता है उनका बड़बोलापन. इसी बडबोलेपन में में उन्होंने बहुसंख्यक हिन्दुओं को जल्द श्रीराम को टेंट से आजादी दिलाकर भव्य मंदिर में स्थापित करने का चुनावी वादा किया था.

ऐसे में यूपी सरकार की 108 फुटा योजना भक्तों का तो ध्यान मूल मुद्दे से कुछ हद तक डाइवर्ट तो कर देगी. ज़रा प्रभु श्रीराम के बारे में भी सोचिये, वे इतनी ऊंचाई से पता नहीं कब तक उस टेंट को निहारेंगे, जिसमें उनकी प्रतिमा रख देश में सरकारें सिर्फ धर्म की राजनीति करती चली आ रही हैं.

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